अंजाम तो शुरू से पता था इस इश्क़ का फिर भी तुझसे दिल लगाता जा रहा हूँ इतने पास आके भी छू नहीं पा रहा फिर भी तुझसे इश्क़ बढ़ाता जा रहा हूँ तेरे साथ तो कभी नहीं आ पाउँगा शायद दूर रहकर भी एकसी ज़िन्दगी जिए जा रहा हूँ कैसे थामूं इन बढ़ते सपनो को जिनमे हर दिन तुझे भरता जा रहा हूँ
जिनकी यादों के सहारे हमें बाकि ज़िन्दगी बितानी है वो आज हमें चंद लम्हे ज्यादा न दे सके हम कहते रहे कि आपको जाते देखा नहीं जाता हमसे वो बोले और भी हैं जिनकी हमें परवाह करनी है हम कहते रहे कि अभी तो बहुत प्यार बाकि है आपसे और वो कहते रहे इतने पल तो दिए तुम्हे ज्यादा हम इंतज़ार करते रहे कि वो समझेंगे आरज़ू हमारी और वो पलट कर चले गए हमसे दूर आँखों तो आंसुओं से लबालब थीं उनकी जाते वक़्त दिल में भी पूरा भरा है हमको जानते हैं हम बस यूँ समझ लीजिए कि बड़ी मजबूरियां रही होंगी यूँही कोई इतना प्यार कर पलट कर नहीं जाता जाइये आज से आप उन सबकी परवाह कीजिए हम आपकी राहों में नहीं आएँगे आज के बाद